भारत-चीन: क्या अब सीमा विवाद खत्म होगा?

"भारत-चीन

भारत-चीन सीमा विवाद का इतिहास भारत और चीन की सीमा दुनिया की सबसे लंबी स्थलीय सीमाओं में से एक है, जो लगभग 3,488 किलोमीटर लंबी है। इस सीमा को अक्सर “Line of Actual Control (LAC)” कहा जाता है। लेकिन यह सीमा पूरी तरह स्पष्ट और परिभाषित नहीं है, और यही विवाद की जड़ है। 1. … Read more

अग्नि–5 मिसाइल परीक्षण 2025: भारत की शक्ति

अग्नि-5 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण करते हुए भारत"

अग्नि–5 का सफल परीक्षण: भारत की बढ़ती सामरिक शक्ति और वैश्विक संतुलन प्रस्तावना 20 अगस्त 2025 का दिन भारत के रक्षा इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से भारत ने अग्नि–5 इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) का सफल परीक्षण किया। यह मिसाइल लगभग 5,000 किलोमीटर की दूरी … Read more

भारत–चीन सीधी उड़ानें 2025: व्यापार व कूटनीति पर असर

भारत और चीन के झंडों के साथ उड़ान भरते और उतरते विमान – India-China flights restart"

भारत–चीन सीधी उड़ानें 2025: कूटनीति, व्यापार और वैश्विक राजनीति पर असर प्रस्तावना भारत और चीन, एशिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएँ और दुनिया की सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले देश, पिछले एक दशक से वैश्विक राजनीति और क्षेत्रीय स्थिरता के केंद्र में रहे हैं। दोनों देशों के बीच संबंध हमेशा प्रतिस्पर्धा और सहयोग (competition & cooperation) … Read more

Google Pixel 10 सीरीज़ लॉन्च: भारत में टेक क्रांति

Google Pixel 10 स्मार्टफोन भारत में लॉन्च, Tensor G5 चिपसेट और AI कैमरा फीचर्स के साथ

Google Pixel 10 सीरीज़ लॉन्च: भारत में नई टेक्नोलॉजी की क्रांति 🚀📱 प्रस्तावना 2025 का साल स्मार्टफोन इंडस्ट्री के लिए बेहद खास साबित हो रहा है। आज गूगल ने अपनी Google Pixel 10 Series को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है। Pixel स्मार्टफोन्स हमेशा से अपनी कैमरा क्वालिटी, साफ-सुथरे एंड्रॉइड एक्सपीरियंस और AI इंटीग्रेशन … Read more

CGBSE 10th Supplementary Result 2025: ऐसे देखें

CGBSE 10th Supplementary Result 2025 online check at cgbse.nic.in

CGBSE Supplementary Result 2025: कक्षा 10वीं का रिजल्ट घोषित ✦ परिचय छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने कक्षा 10वीं की सप्लीमेंटरी परीक्षा 2025 का रिजल्ट आज, 20 अगस्त 2025 को घोषित कर दिया है। इस घोषणा का इंतज़ार लंबे समय से छात्र कर रहे थे और अब वे राहत की सांस ले सकते हैं। रिजल्ट … Read more

ChatGPT Go India: ₹399 Plan with UPI Support Explained

ChatGPT Go India ₹399 Plan Logo with UPI Support – Most Affordable AI Subscription"

OpenAI launches ChatGPT Go in India at Rs 399 per month with UPI Support: What you get, what you don’t प्रस्तावना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आज सिर्फ टेक कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, स्टार्टअप्स, रिसर्च, और यहां तक कि छोटे बिज़नेस का भी अहम हिस्सा बन चुका है। भारत में ChatGPT की पॉपुलैरिटी … Read more

Jio Finance ₹24 ITR Filing: टैक्स इनोवेशन या मार्केट खतरा?”

जियो फाइनेंस ₹24 ITR फाइलिंग ऐप का नया इंटरफ़ेस – सस्ता और आसान टैक्स रिटर्न समाधान"

Jio Finance ₹24 ITR Filing: इनोवेशन या छोटे खिलाड़ियों के लिए खतरा? परिचय भारत में Income Tax Return (ITR) Filing एक बड़ा बाजार है, जिसमें लाखों लोग हर साल ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से टैक्स भरते हैं। अभी तक इस सेक्टर में कई स्टार्टअप्स (ClearTax, TaxBuddy, Quicko) और पारंपरिक Chartered Accountants (CA firms) अपनी सेवाएं … Read more

SBI PO Result 2025: प्रीलिम्स रिज़ल्ट कब आएगा, कैसे देखें और कटऑफ़ ट्रेंड्स

SBI PO Prelims Result 2025 with SBI logo and scorecard download details

SBI PO Prelims Result 2025: रिज़ल्ट डेट, कटऑफ़ ट्रेंड और आगे की तैयारी प्रस्तावना भारत में बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाना लाखों युवाओं का सपना होता है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) हर साल Probationary Officer (PO) परीक्षा आयोजित करता है, जो न केवल एक प्रतिष्ठित नौकरी है बल्कि स्थिरता और करियर ग्रोथ का भी … Read more

मिशन “सुदर्शन चक्र क्या है जिससे पाकिस्तान में मची हड़कंप ?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वतंत्रता दिवस 2025 पर लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए

मिशन “सुदर्शन चक्र”: भारत का अगली पीढ़ी का राष्ट्रीय सुरक्षा कवच (Rashtriya Suraksha Kavach)

1) संदर्भ और घोषणा: 15 अगस्त 2025 का रोडमैप

15 अगस्त 2025 को लाल क़िले से स्वतंत्रता दिवस संबोधन में प्रधानमंत्री ने ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ की घोषणा की—एक बहु-परत और बहु-आयामी राष्ट्रीय सुरक्षा कवच, जिसका लक्ष्य केवल शत्रु हमलों को निष्क्रिय करना नहीं बल्कि आवश्यक हो तो काउंटर-स्ट्राइक भी करना है। इसे 2035 तक चरणबद्ध तरीके से देशव्यापी लागू करने का लक्ष्य बताया गया—यानी सैन्य ठिकाने ही नहीं, बल्कि बड़े शहरों, महत्त्वपूर्ण नागरिक अवसंरचनाओं और धार्मिक/सांस्कृतिक स्थलों तक इसकी कवरेज। यह पहल रक्षा आत्मनिर्भरता (indigenisation) को केंद्रीय धुरी बनाती है

2) ‘सुदर्शन चक्र’ नाम और मौजूदा S-400 “उपनाम” की उलझन

यह जानना ज़रूरी है कि भारतीय वायु रक्षा पर चर्चा में “सुदर्शन चक्र” नाम पहले भी आता रहा है—कई रिपोर्टों में रूस निर्मित S-400 स्क्वॉड्रनों को मीडिया/रक्षा समुदाय ने “सुदर्शन चक्र” कहकर संबोधित किया। मई 2025 की पाकिस्तान-उद्गमित ड्रोन/मिसाइल धमकियों के बीच S-400 की तैनाती/इंटरसेप्शन की रिपोर्टों में यह उपनाम प्रमुखता से दिखा। पर 15 अगस्त 2025 का मिशन सुदर्शन चक्र एक नया, व्यापक राष्ट्रीय मिशन है—सिर्फ S-400 भर नहीं, बल्कि संपूर्ण बहु-परत कवच। इसलिए पुराने “उपनाम” और नए “मिशन” में भेद समझना ज़रूरी है।

3) मिशन का उद्देश्य: ‘रक्षा+प्रतिकार’ का संगम

भारत के सामने खतरों का स्पेक्ट्रम विस्तृत है—शॉर्ट-रेंज रॉकेट्स, आर्टिलरी, मोर्टार (C-RAM), क्रूज़/बैलेस्टिक मिसाइल, स्वार्म ड्रोन, लो-फ्लाइंग UAVs, स्टैंड-ऑफ प्रिसीजन वेपन्स, और साइबर-इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर। मिशन का डिज़ाइन उद्देश्यों का संकेत देता है:

  • लेयर्ड एयर/मिसाइल डिफेन्स: लंबी-, मध्यम-, और छोटी दूरी/ऊँचाई के इंटरसेप्टर्स और सेंसर।
  • एकीकृत सेंसर-फ्यूज़न: रडार, EO/IR, पेसिव सेंसर, SIGINT—सबका डेटा एक कॉमन बैटल मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) में फ्यूज़।
  • काउंटर-स्ट्राइक/ऑफेंसिव इंटीग्रेशन: शत्रु के लांच-साइट्स/एसेट्स पर जवाबी प्रहार का विकल्प—नीतिगत नियंत्रण के अधीन।
  • सिविल संरचनाओं की कवरेज: शहर, औद्योगिक कॉरिडोर, रिफाइनरी, पोर्ट, एयरपोर्ट, डैम/पावर ग्रिड, और धार्मिक/राष्ट्रीय प्रतीक-स्थल।
  • साइबर+इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा: सेंसर्स/कमान्ड-नेटवर्क को जैमिंग/स्पूफिंग/साइबर हमलों से बचाने की समेकित परत।

पीएम के बयान में “कई गुना जवाब” का जिक्र—यह कन्वेंशनल (गैर-परमाणु) मिसाइल और स्टैंड-ऑफ प्रहार क्षमताओं के विस्तार का संकेत माना गया।

4) संभावित वास्तु (आर्किटेक्चर): भारत जैसे महादेश के लिए क्या मॉडल?

भारत का अगली पीढ़ी का मिसाइल डिफेंस कवच
मिशन सुदर्शन चक्र में शामिल अत्याधुनिक मिसाइल डिफेंस तकनीक

इज़रायल का आयरन डोम एक छोटे भूभाग की घनी आबादी/सीमा पर केंद्रित है। भारत में हज़ारों किमी की सीमा और व्यापक आबादी/स्थलों के कारण आर्किटेक्चर अलग होगा:

  1. हाई-एंड लंबी दूरी परत – जैसे S-400/भविष्य के लांग-रेंज इंटरसेप्टर्स (समतुल्य वर्ग), एंटी-क्रूज़/एंटी-एयरफ्रेम क्षमताएँ, हाइपरसोनिक-ट्रैकिंग रेडार।
  2. मध्यम दूरी परत – ‘प्रोजेक्ट कुशा’/MR-SAM वर्ग (इजरायल-भारत पूर्व सहयोग की विरासत), भविष्य के देशी SAMs।
  3. शॉर्ट-रेंज/टर्मिनल परत – QRSAM/AKASH Prime/SPAAGs/DEWs (डायरेक्टेड-एनर्जी—भविष्य चरण)।
  4. C-UAS/काउंटर-ड्रोन परत – रडार+RF+EO/IR डिटेक्शन, सॉफ्ट-किल (जैमिंग/स्पूफिंग) और हार्ड-किल (काइनेटिक/हाई-पावर माइक्रोवेव/लेज़र)।
  5. कमांड, कंट्रोल, कम्युनिकेशन (C3I) – संयुक्त थिएटर-लेवल नेटवर्क, सिविल-डिफेन्स लिंक, रियल-टाइम टास्किंग।

अख़बारी कवरेज संकेत देती है कि यह इंटीग्रेटेड शील्ड होगा—एयर, लैंड, सी परस्पर जुड़ी परतें; लक्ष्य 2035 तक पैन-इंडिया कवरेज।

नोट: इनमें से कई सिस्टम्स/परतें पहले से अलग-अलग रूप में मौजूद/विकसित हैं; मिशन का फोकस उन्हें एक राष्ट्रीय छतरी के तहत जोड़ना और इंडिजेनसिटी बढ़ाना है।

PIB (Press Information Bureau) https://pib.gov.in

5) टाइमलाइन और चरणबद्ध कार्यान्वयन (2025–2035)

घोषित लक्ष्य: 2035 तक देशव्यापी सुरक्षा कवच। व्यावहारिक रूप से इसकी चरणबद्धता कुछ ऐसे हो सकती है:

  • चरण-1 (2025-28): नीति/आर्किटेक्चर, प्राथमिक शहरों/स्ट्रेटेजिक एसेट्स में पायलट इंटीग्रेशन; सेंसर-नेट और C-UAS घनीकरण; इंडस्ट्री-कंसोर्टियम/DRDO-PSUs की स्प्रिंगबोर्डिंग।
  • चरण-2 (2028-31): मिड-टियर इंटरसेप्टर्स का स्केल-अप; थियेटर-लेवल C3I; सिविल-इन्फ्रा (पावर, रिफाइनरी, पोर्ट-हब) कवरेज विस्तार।
  • चरण-3 (2031-35): हाई-एंड इंटरसेप्शन/DEWs का रोल-आउट; पूर्ण सिविल-सेक्टर इंटीग्रेशन; रेड-टीमिंग/स्ट्रेस-टेस्टिंग; SOPs और फंडिंग/मेंटेनेंस स्थायित्व।

टाइमलाइन का 2035 एंकर कई रिपोर्टों में प्रत्यक्ष रूप से दर्ज है।

6) फंडिंग, इंडिजेनाइजेशन और उद्योग-इकोसिस्टम

Make in India/आत्मनिर्भर भारत के ढांचे में DRDO, DPSUs (BEL, BDL, HAL), प्राइवेट-टियर-1s, MSMEs, और स्टार्ट-अप्स—सबके लिए अवसर हैं: RF/पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, AESA रडार T/R मॉड्यूल्स, seekers, propulsion, insensitive munitions, data fusion-AI/ML स्टैक्स, साइबर-हार्डनिंग। सरकार का फोकस इंडिजेनस IP और वैश्विक सप्लाई-चेन डाइजेस्ट पर रहेगा।

7) तुलना: “इज़रायल का Iron Dome” और भारतीय परिदृश्य

  • Iron Dome का मिशन मुख्यतः रॉकेट/आर्टिलरी/मोर्टार अवरोधन (C-RAM) और सीमित भूभाग संरक्षण है।
  • भारत को क्रूज़/बैलेस्टिक/एयर-ब्रीदिंग स्पेक्ट्रम पर बहु-फ्रंट, लंबी सीमाएँ और समुद्री अवसंरचना कवर करनी है—इसलिए भारत का आर्किटेक्चर कहीं अधिक विस्तृत/विविधतापूर्ण होगा।
  • लागत-प्रभाविता—इंटरसेप्टर मिसाइल की कीमत बनाम शत्रु के शस्त्र का खर्च; भारत को बड़े पैमाने पर यह समीकरण संतुलित करना होगा (देसी निर्माण, स्केलेबल उत्पादन, स्मार्ट फायर-कंट्रोल/डॉक्ट्रिन)।

8) मौजूदा परतों का योगदान: S-400, Akash Prime, QRSAM, Project Kusha

  • Akash Prime/QRSAM—टर्मिनल/शॉर्ट-मिड रेंज परत; मोबाइलिटी और सस्ते-प्रति-शॉट इंटरसेप्शन के लिहाज़ से अहम।
  • MR-SAM/Barak-8 वंश—मिड-टियर; तटीय/नौसैनिक/स्थलीय—सब में भूमिका।
  • Project Kusha—देशी BMD/लेयर्ड मिसाइल-डिफेन्स की दीर्घकालिक कोशिशों का अगला चरण; खुले स्रोतों में सीमित जानकारी, पर मिशन के साथ नैसर्गिक एकीकरण अपेक्षित।
    इन सबको एक कॉमन कमांड-नेट और डाटा-फ्यूज़न में जोड़ना ही मिशन का केन्द्रीय वादा है।
भारत का ड्रोन रोधी सिस्टम
मिशन सुदर्शन चक्र का एक अहम हिस्सा – ड्रोन रोधी तकनीक

9) ऑपरेशनल सिद्धांत: ‘सेंसर से शूटर’ तक

किल-चेन के चरण—Detect → Track → Classify → Decide → Engage → Assess।
मिशन की सफलता तीन चीज़ों पर निर्भर करेगी:

  1. रियल-टाइम सेंसर-फ्यूज़न: कई बैंड्स (L/S/X), ओवरलैपिंग कवरेज, पेसिव-EM और EO/IR; “फॉल्स-अलर्ट” घटाना।
  2. स्मार्ट फायर-डिसिप्लिन: कौन-सा खतरा किस परत/हथियार से—लागत और सफलता-संभावना के साथ; mass-salvo/स्वार्म के खिलाफ resource-allocation एल्गोरिद्म।
  3. रेडंडेंसी और रेज़िलिएंस: मोबाइल बैटरी, कठोर कम्युनिकेशन (जैम-प्रूफ), सिविल-डिफेन्स और आपदा प्रबंधन के SOPs।

10) कानूनी/नीतिगत पहलू और नागरिक-सुरक्षा

  • रूल्स ऑफ एंगेजमेंट (RoE): सिविल एयर-ट्रैफिक, IFF, नो-फायर ज़ोन्स; शहरी क्षेत्रों में एंटी-ड्रोन/एंटी-मिसाइल इंटरसेप्शन के मलबे-जोखिम के प्रोटोकॉल।
  • डेटा गोपनीयता/साइबर सुरक्षा: विशाल सेंसर-नेटवर्क और नागरिक-अवलोकन के बीच संतुलन; साइबर-हार्डनिंग के क़ानूनी फ्रेमवर्क।

11) रणनीतिक सन्देश और पड़ोसी पर प्रभाव

घोषणा उस वक़्त आई जब पाकिस्तान के सख्त बयानों/जल संसाधन-विवाद (इंडस ट्रीटी) पर तकरार की खबरें चर्चा में थीं—घरेलू विमर्श में यह संदेश गया कि भारत रक्षा-आत्मनिर्भरता और विश्वसनीय प्रतिकार-क्षमता की राह पर है। यह डिटरेंस-बिल्डिंग है—सीधे संघर्ष की तलाश नहीं, पर हमलों की लागत बढ़ाना और रणनीतिक अनिश्चितता पैदा करना।

12) प्रमुख चुनौतियाँ: ‘क्या मुश्किल है?’

  1. लागत और स्केल: पैन-इंडिया कवरेज—कैपेक्स + ओपेक्स दोनों भारी; दीर्घकालिक बजटीय अनुशासन चाहिए।
  2. टेक्नोलॉजी डेप्थ: seekers, propulsion, advanced composite, GaN-AESA T/R, AI-enabled fusion; ग्लोबल सप्लाई-बॉटलनेक्स।
  3. इंटरऑपरेबिलिटी: लेगेसी/विदेशी प्लेटफॉर्म्स + नए देसी सिस्टम्स का सीमलेस ‘हैंड-शेक’।
  4. टेक साइकिल बनाम खतरों की दौड़: हाइपरसोनिक/लो-RCS/डिकॉय-रिच सल्वो; काउंटर-काउंटर मेज़र्स।

13) नागरिक-क्षेत्र के लिए अर्थ: क्यों यह सिर्फ सैन्य परियोजना नहीं?

  • पावर-ग्रिड, रिफाइनरी, मेट्रो/रेल, डैम: शत्रु के सस्ते ड्रोन/रॉकेट से भी बड़ा नुकसान सम्भव; ‘शेल्टर्ड ऑपरेशन’ सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय परतें।
  • इमरजेंसी रिस्पॉन्स: NDMA/राज्य आपदा प्रबंधन के साथ ‘हमले-के-बाद’ रिस्टोर—ब्लैकआउट-मैनेजमेंट, वैकल्पिक कम्युनिकेशन।

14) क्या-क्या ‘इस साल’ दिख सकता है? (2025-26 पूर्वावलोकन)

  • पॉलिसी/फ्रेमवर्क डॉक्यूमेंट: मिशन के लक्ष्य, चरण, इंडस्ट्री रोल, इंडिजेनाइजेशन मैट्रिक्स।
  • पायलट कवरेज: चुनिंदा महानगर/केंद्र—हवाई अड्डा-क्लस्टर, रिफाइनरी-बेल्ट, सामरिक गलियारे।
  • काउंटर-ड्रोन स्केल-अप: G-20/बड़े आयोजनों पर ट्रायल हुए; अब स्थायी ‘सिविल-डोम’ मॉडल की तरफ़।
  • टेंडर्स/कंसोर्टियम: बेल, बीईएल, निजी-समूह, स्टार्ट-अप्स के साथ प्रोडक्ट रोडमैप्स।
    इन बिंदुओं की पुष्टि चरणबद्ध सरकारी/रक्षा अपडेट्स, कैबिनेट-CCS निर्णयों और DRDO/PSU रिलीज़ से होगी। फिलहाल मीडिया रिपोर्टिंग समेकित दिशा दिखाती है।

भारत में तैनात S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम – अत्याधुनिक वायु सुरक्षा कवच
रूस से प्राप्त S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम भारत की हवाई सीमाओं को अभेद्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

15) निष्कर्ष:

मिशन “सुदर्शन चक्र” सिर्फ एक रक्षा परियोजना नहीं बल्कि भारत की सामरिक आत्मनिर्भरता और भविष्य की सुरक्षा रणनीति का प्रतीक है। यह पाकिस्तान और चीन के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि भारत अब किसी भी पारंपरिक या आधुनिक खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह मिशन भारत की वैश्विक रक्षा शक्ति बनने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा और आने वाले वर्षों में क्षेत्रीय तथा वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य को नए आयाम देगा।


16) FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1: मिशन “सुदर्शन चक्र” क्या है?
उत्तर: यह भारत सरकार द्वारा घोषित एक बहु-स्तरीय राष्ट्रीय सुरक्षा कवच है जिसमें मिसाइल डिफेंस, साइबर सुरक्षा, ड्रोन रोधी तकनीक और समुद्री-हवाई सुरक्षा शामिल है।

प्रश्न 2: मिशन “सुदर्शन चक्र” की घोषणा कब और कहाँ हुई?
उत्तर: 15 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल क़िले से स्वतंत्रता दिवस भाषण में इसकी घोषणा की।

प्रश्न 3: पाकिस्तान और चीन क्यों चिंतित हैं?
उत्तर: क्योंकि यह कवच उनकी पारंपरिक सैन्य रणनीतियों, आतंकी गतिविधियों और साइबर हमलों को निष्फल कर सकता है।

प्रश्न 4: यह मिशन भारत की किस नीति से जुड़ा है?
उत्तर: यह आत्मनिर्भर भारत (Atmanirbhar Bharat) और रक्षा उत्पादन में स्वदेशीकरण की नीति से सीधे जुड़ा है।

प्रश्न 5: मिशन से भारत को क्या लाभ होगा?
उत्तर: भारत को अजेय सुरक्षा कवच, आतंकवाद से रक्षा, वैश्विक रक्षा शक्ति के रूप में पहचान और हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में रणनीतिक बढ़त।


✍️ लेखक के बारे में

सिद्धार्थ तिवारी Mudda Bharat Ka ब्लॉग के संस्थापक हैं। वे समसामयिक घटनाओं, राष्ट्रीय सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय संबंध और UPSC अभ्यर्थियों के लिए विश्लेषणात्मक लेख लिखने के लिए जाने जाते हैं। उनका उद्देश्य जटिल विषयों को सरल और परीक्षोपयोगी बनाना है।


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