भारत-फ्रांस साझेदारी: 5वीं पीढ़ी के जेट इंजन का निर्माण

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भारत-फ्रांस सहयोग से 5वीं पीढ़ी के जेट इंजन का विकास – अमेरिका के साथ प्रतिस्पर्धा और वैश्विक रक्षा परिप्रेक्ष्य

प्रस्तावना

2025 में भारत और फ्रांस ने मिलकर 5वीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट इंजन के विकास की ऐतिहासिक घोषणा की। यह परियोजना ₹61,000 करोड़ की है और इसका उद्देश्य भारत के स्वदेशी Advanced Medium Combat Aircraft (AMCA) को अत्याधुनिक शक्ति प्रदान करना है। फ्रांस की एयरोस्पेस कंपनी Safran इस साझेदारी में प्रमुख तकनीकी पार्टनर है और पूरी तकनीकी हस्तांतरण (ToT) की पेशकश कर रही है।

यह कदम भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता, वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती, और तकनीकी नवाचार की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होने वाला है।

Safran Site https://www.safran-group.com

भारत-फ्रांस रक्षा साझेदारी की पृष्ठभूमि

भारत ने लंबे समय से अपने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। इस दिशा में, DRDO ने Kaveri इंजन के विकास की शुरुआत की थी, लेकिन यह अपेक्षित प्रदर्शन मानकों को पूरा नहीं कर सका। इसके बाद, भारत ने विदेशी साझेदारों के साथ सहयोग बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाए। फ्रांस की Safran कंपनी ने इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

भारत लंबे समय से अपने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में सक्रिय रहा है। Kaveri इंजन परियोजना अपेक्षित मानकों तक नहीं पहुँच सकी थी, जिसके बाद भारत ने फ्रांस के साथ साझेदारी का विकल्प चुना।

इस साझेदारी के बारे में फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने कहा:
“मैंने अभी-अभी प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी से बातचीत की। हमने यूक्रेन युद्ध पर अपनी स्थितियों का समन्वय किया ताकि एक न्यायपूर्ण और स्थायी शांति की ओर बढ़ सकें, यूक्रेन के लिए ठोस सुरक्षा गारंटि और यूरोप की सुरक्षा के साथ। व्यापार संबंधी मुद्दों पर, हमने अपने वाणिज्यिक संबंधों को बढ़ावा देने और सभी क्षेत्रों में अपनी सामरिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की। यही हमारी संप्रभुता और स्वतंत्रता की कुंजी है।”

उन्होंने आगे कहा कि फरवरी में पेरिस में आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक्शन समिट की निरंतरता में, 2026 में नई दिल्ली में होने वाले AI Impact Summit की सफलता के लिए भी दोनों देशों ने मिलकर कार्य करने पर सहमति जताई। इसके साथ ही, उन्होंने अधिक प्रभावी बहुपक्षवाद के लिए G7 की फ्रांसीसी अध्यक्षता और BRICS की भारतीय अध्यक्षता के संदर्भ में निकट समन्वय की बात की।

भारत-फ्रांस साझेदारी के तहत विकसित 5वीं पीढ़ी का जेट इंजन और AMCA फाइटर जेट
भारत-फ्रांस सहयोग: 5वीं पीढ़ी के जेट इंजन के साथ AMCA भारतीय वायुसेना की शक्ति बढ़ा रहा है

प्रधानमंत्री मोदी का दृष्टिकोण

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इस सहयोग पर अपने हालिया भाषण में कहा:
“हम ठहरे हुए पानी के किनारे पर बैठकर कंकर मारकर आनंद लेने वाले लोग नहीं हैं। हम तेज धाराओं को मोड़ने वाले लोग हैं।”

यह बयान भारत की आत्मनिर्भरता, सक्रिय नेतृत्व और चुनौतीपूर्ण रक्षा परियोजनाओं में साहसिक निर्णय लेने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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साझेदारी के प्रमुख पहलू

  • परियोजना लागत और उद्देश्य: ₹61,000 करोड़ की इस परियोजना का उद्देश्य 120 kN इंजन का विकास करना है, जो AMCA और भविष्य के प्लेटफॉर्म्स को शक्ति प्रदान करेगा।
  • तकनीकी हस्तांतरण: Safran कंपनी पूरी तकनीकी हस्तांतरण की पेशकश कर रही है, जिससे भारत इंजन डिजाइन, निर्माण और परीक्षण में आत्मनिर्भर बनेगा।
  • साझेदारी का समय-सीमा: यह इंजन 2035 तक AMCA में शामिल किया जाएगा, जिससे भारतीय वायुसेना की क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।

अमेरिका के साथ प्रतिस्पर्धा

भारत अमेरिका की General Electric (GE) कंपनी के इंजन विकल्पों के बावजूद, पूर्ण तकनीकी स्वायत्तता की दिशा में फ्रांस के साथ साझेदारी को प्राथमिकता दे रहा है। यह स्पष्ट संकेत है कि भारत स्वदेशी रक्षा तकनीक और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनने की दिशा में अग्रसर है।

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वैश्विक रक्षा और रणनीतिक परिप्रेक्ष्य

इस साझेदारी से भारत को न केवल स्वदेशी तकनीकी क्षमताएं प्राप्त होंगी, बल्कि यह वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को भी मजबूत करेगी। अमेरिका, रूस और अन्य वैश्विक ताकतों के बीच प्रतिस्पर्धा की यह नई दिशा भारत को विश्वस्तरीय रणनीतिक साझेदार के रूप में स्थापित करेगी।

India का पहला 5वीं पीढ़ी का फाइटर जेट, Advanced Medium Combat Aircraft (AMCA)
भारत का पहला 5वीं पीढ़ी का फाइटर: AMCA भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ा रहा है

निष्कर्ष

भारत-फ्रांस साझेदारी केवल एक तकनीकी परियोजना नहीं, बल्कि भारत की रक्षा नीति और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल है। यह इंजन 2035 तक AMCA के साथ भारतीय वायुसेना की रीढ़ बनकर देश की शक्ति और सुरक्षा का प्रतीक बनेगा। यह साबित करता है कि भारत ठहरे हुए पानी में कंकर मारने वाला देश नहीं, बल्कि तेज धाराओं को मोड़ने और वैश्विक तकनीकी परिदृश्य में अपनी पकड़ मजबूत करने वाला राष्ट्र है। यह कदम न केवल भारत की सामरिक ताकत को बढ़ाएगा, बल्कि वैश्विक मंच पर देश की रणनीतिक श्रेष्ठता और नवाचार क्षमता को भी प्रदर्शित करेगा।

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Author Section

लेखक: Siddharth Tiwari
विशेषज्ञता: भारत की रक्षा नीति, अंतरराष्ट्रीय साझेदारी, AI और भविष्य की तकनीकी रणनीति
लक्ष्य: पाठकों को तथ्यपरक, विश्लेषणात्मक और मूल्यवर्धक जानकारी प्रदान करना

Author Note:
“इस ब्लॉग में प्रस्तुत जानकारी स्वतंत्र स्रोतों और सरकारी बयानों पर आधारित है। मेरा प्रयास है कि पाठक भारत की रणनीतिक और तकनीकी क्षमताओं को समझ सकें और वैश्विक परिप्रेक्ष्य में इसका महत्व जान सकें।”

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. भारत और फ्रांस किस परियोजना पर मिलकर काम कर रहे हैं?
भारत और फ्रांस मिलकर 5वीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट इंजन का विकास कर रहे हैं, जिसे AMCA जैसे भविष्य के प्लेटफॉर्म्स में इस्तेमाल किया जाएगा।

2. इस परियोजना की लागत कितनी है?
इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग ₹61,000 करोड़ है।

3. अमेरिका का इस परियोजना में क्या रोल है?
अमेरिका ने पहले कुछ इंजन विकल्प पेश किए थे, लेकिन भारत ने पूर्ण तकनीकी स्वायत्तता और ToT के लिए फ्रांस के साथ साझेदारी को प्राथमिकता दी।

4. भारत-फ्रांस साझेदारी से भारत को क्या लाभ होगा?

  • स्वदेशी तकनीकी क्षमता में वृद्धि
  • रक्षा आत्मनिर्भरता
  • वैश्विक मंच पर रणनीतिक स्थिति में मजबूती
  • AMCA और भविष्य के प्लेटफॉर्म्स के लिए अत्याधुनिक इंजन

5. परियोजना कब तक पूरी होने की उम्मीद है?
इंजन 2035 तक AMCA में शामिल होने की योजना है।

6. प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति Macron ने क्या बयान दिया?
Modi जी ने कहा कि भारत “तेज धाराओं को मोड़ने वाले लोग हैं,” जबकि Macron ने भारत के साथ बहुपक्षवाद, AI Summit और वैश्विक सुरक्षा सहयोग पर जोर दिया।

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