
धर्मेंद्र जी का निधन: भारतीय सिनेमा के ‘ही-मैन’ को खो देने का दर्द और एक युग की अंतिम पुकार
भारतीय सिनेमा की वह पीढ़ी, जिसने पर्दे पर सिर्फ अभिनय नहीं देखा, बल्कि एक जीवन-दर्शन महसूस किया—वह पीढ़ी आज गहरे शोक में डूबी है। हिंदी फिल्मों के ‘ही-मैन’, करोड़ों दर्शकों के दिलों की धड़कन और इंसानियत की मिसाल धर्मेंद्र अब हमारे बीच नहीं रहे।
उनका जाना सिर्फ एक नाम का अंत नहीं, बल्कि सिनेमा की उस विरासत का अंत है जिसकी चमक और गरिमा आज भी लोगों के भीतर सांस लेती है।
धर्मेंद्र: वो सितारा जो सिर्फ चमका नहीं दिलों में बस गया
धर्मेंद्र सिर्फ अभिनेता नहीं थे; वे भारतीय दर्शकों का भावनात्मक जुड़ाव थे।
उनकी मुस्कान, उनका सहज संवाद, उनका देसीपन हर चीज़ में एक अपनापन था।
वे ऐसे अभिनेता थे जिन्हें देखकर लगता था कि “ये हमारे जैसे हैं, बस पर्दे पर चमकते हैं।”
वे न तो ओवरड्रामैटिक थे, न आर्टिफिशियल उनका टैलेंट उनकी सबसे बड़ी पहचान था।
उनका सिनेमा: एक्शन का दम, रोमांस की नर्मी और सादगी का भार
एक ओर शोले का वीरू चंचल, भावुक, हास्य से भरपूर।
दूसरी ओर धरम वीर का दहाड़ता हुआ योद्धा।
और चुपके चुपके में कॉमेडी का अनोखा अंदाज़।
धर्मेंद्र ने यह साबित किया कि एक अभिनेता बहुआयामी हो सकता है और वह भी सहजता से।
उनका एक्शन लोगों को रोमांचित करता था, रोमांस दिल पिघला देता था, और कॉमेडी चेहरे पर मुस्कान ला देती थी।
क्यों कहा जाता था उन्हें ‘ही-मैन’?

क्योंकि वे सिर्फ पर्दे के हीरो नहीं थे वह असल जिंदगी में भी उतने ही मजबूत, उतने ही सरल और उतने ही मनुष्यता-भरे थे।
वे स्टंट खुद करते थे, बॉडी लैंग्वेज दमदार थी, लेकिन आंखों में एक अजीब सादगी थी जो उन्हें दूसरों से अलग बनाती थी।
धर्मेंद्र ने एक्शन हीरो की वह परंपरा शुरू की, जिसका प्रभाव आज भी बॉलीवुड के हर बड़े स्टार में देखा जा सकता है।
उनके निधन की खबर: बॉलीवुड की रगों में उतर गया सन्नाटा
जब उनके निधन की खबर आई, फिल्म इंडस्ट्री पर ऐसा सन्नाटा छा गया जैसा किसी पिता के खो जाने पर होता है।
Twitter (X), Instagram, Facebook
हर जगह श्रद्धांजलियों का सैलाब उमड़ पड़ा।
फैंस ने लिखा
- “Indian Cinema lost its original hero.”
- “He was the heart of Bollywood.”
- “A chapter of golden cinema has closed forever.”
प्रधानमंत्री और दिग्गज कलाकारों ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया:
“धर्मेंद्र जी भारतीय सिनेमा की आत्मा थे। उनका योगदान अतुलनीय है। देश उन्हें सदैव याद रखेगा।”
अमिताभ बच्चन ने उन्हें “सिनेमा का सबसे पसंदीदा चेहरा” बताया।
अक्षय कुमार, सलमान खान, अजय देवगन सहित कई सितारों ने भावुक संदेश साझा किए।
उनका प्रभाव सिर्फ पर्दे तक सीमित नहीं, बल्कि हर बड़े कलाकार की प्रेरणा में बसता है।
Hindustan Times (Bollywood Section)https://www.hindustantimes.com/entertainment/bollywood
विरासत: 300 से अधिक फिल्में और लाखों दिलों में जगह

धर्मेंद्र वह अभिनेता थे जिन्हें दर्शक उनके “काम” से नहीं, बल्कि “इंसानियत” से भी चाहते थे।
उनका असल कद उनकी सादगी में था।
300+ फिल्मों का सफर, 60 साल का करियर, और चार पीढ़ियों का प्यार यह कोई साधारण उपलब्धि नहीं।
उन्होंने अपना जीवन भारत की मिट्टी, भारतीय भावनाओं और भारतीय कहानियों को समर्पित किया।
सिनेमा का युग बदलता है but legends never die
धर्मेंद्र का जाना सिर्फ एक खालीपन नहीं छोड़ता—यह हमें एहसास कराता है कि समय के पन्ने कितनी जल्दी पलट जाते हैं।
लेकिन कुछ लोग—कुछ चेहरे—कुछ आवाजें—समय की पकड़ में नहीं आते।
धर्मेंद्र उनमें से एक थे।
उनकी हंसी, उनका अंदाज़, उनका डायलॉग–
“Basanti… in kutton ke samne mat nachna!”
हमेशा भारतीय सांस्कृतिक स्मृति में अमर रहेगा।
निष्कर्ष: एक महान आत्मा को देश की अंतिम श्रद्धांजलि
धर्मेंद्र जी ने जीवन भर सिखाया कि स्टारडम असली नहीं होता, इंसानियत असली होती है।
उन्होंने साबित किया कि महान अभिनेता वह है जिसकी जड़ें ज़मीन से जुड़ी हों।
आज भारत सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि अपनी भावनाओं का साथी खो चुका है।
RIP Dharmendra Ji—आपका सिनेमा, आपकी मुस्कान और आपका दिल हमेशा हमारे बीच जिंदा रहेगा।
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लेखक के बारे में (Author Bio)
सिद्धार्थ तिवारी, Mudda Bharat Ka और UPSCBlueprint के संस्थापक, एक अनुभवी कंटेंट राइटर और न्यूज़ एनालिस्ट हैं।
पिछले कई वर्षों से वे भारतीय राजनीति, सिनेमा, शिक्षा, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मुद्दों पर गहराई से शोध-आधारित लेख लिखते आ रहे हैं।
उनकी लेखन शैली सरल, सटीक, सूचनात्मक और पाठकों को जोड़ने वाली है।
सिद्धार्थ तिवारी का उद्देश्य—“भारत से जुड़े हर छोटे-बड़े मुद्दे को आम भाषा में, सच्चाई और प्रामाणिकता के साथ लोगों तक पहुँचाना”—रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. धर्मेंद्र जी का निधन कब हुआ?
धर्मेंद्र जी का निधन 2025 में हुआ, जिसकी खबर ने भारतीय सिनेमा और उनके प्रशंसकों को गहरे सदमे में डाल दिया।
2. उन्हें ‘ही-मैन’ क्यों कहा जाता था?
धर्मेंद्र जी अपनी दमदार बॉडी, एक्शन सीन खुद करने की आदत और बहादुर स्क्रीन-पर्सनैलिटी के लिए भारतीय सिनेमा के पहले “ही-मैन” माने जाते थे।
3. धर्मेंद्र जी की सबसे मशहूर फिल्में कौन-सी हैं?
उनकी प्रमुख फिल्मों में शोले, धरम वीर, चुपके चुपके, सीता और गीता, यादों की बारात, और ड्रीम गर्ल शामिल हैं।
4. क्या धर्मेंद्र जी केवल एक्शन हीरो थे?
नहीं। वे रोमांस, कॉमेडी और इमोशनल भूमिकाओं में भी उतने ही सफल थे। वे हिंदी सिनेमा के बहुआयामी कलाकारों में से एक थे।
5. उनके निधन पर फिल्म इंडस्ट्री की क्या प्रतिक्रिया रही?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर अमिताभ बच्चन, हेमा मालिनी, अक्षय कुमार और तमाम कलाकारों ने गहरा दुख व्यक्त किया और उनकी विरासत को “अमूल्य” बताया।
6. उनकी विरासत भारतीय सिनेमा के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
धर्मेंद्र जी ने 300+ फिल्मों में अभिनय किया, 60 साल से अधिक का करियर जिया, और भारतीय संस्कृति, सादगी और स्टारडम का एक अनोखा मेल दुनिया को दिया।
उनका जाना एक “गोल्डन एरा” के अंत जैसा है।
7. क्या उनका परिवार भी फिल्म इंडस्ट्री में है?
हाँ। उनके बेटे सनी देओल, बॉबी देओल, और बेटियाँ ईशा देओल, अहाना देओल फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हुए हैं।
Bahut buri khabar hai
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